तोरण सजी दरवाजों पर
चरक चढ़ी लिबाजों पर
लड़ियों के घूंघट
हर घर ने ओढ़े
मिठाई ने रिश्ते
पडोसी से जोड़े
ताश के पत्ते
जिताते हराते
रिवाजों में कैसी
हरकत ये पाते
के ख़ुशी बेवजह
शोर मचाती है
गम के अँधेरे का
गला घोट जाती है
तुम्हे भी ख़ुशी का
पूरा सा हक़ हो
जादू दिवाली का
मुबारक हो
मुबारक हो
मुबारक हो
चरक चढ़ी लिबाजों पर
लड़ियों के घूंघट
हर घर ने ओढ़े
मिठाई ने रिश्ते
पडोसी से जोड़े
ताश के पत्ते
जिताते हराते
रिवाजों में कैसी
हरकत ये पाते
के ख़ुशी बेवजह
शोर मचाती है
गम के अँधेरे का
गला घोट जाती है
तुम्हे भी ख़ुशी का
पूरा सा हक़ हो
जादू दिवाली का
मुबारक हो
मुबारक हो
मुबारक हो