हुआ करता था मेरा चिलमनों से बैर
तेरे जलवों पे उनका पहरा जो था
अब दौर-ए-कोरोना है
एहतियातों की बारिश है
दूर से ही मिलना है
ये चिलमनों की साज़िश है
कर ली दोस्ती उन पर्दों से
उन पर्दों पे तेरा चेहरा जो था
तेरे जलवों पे उनका पहरा जो था
अब दौर-ए-कोरोना है
एहतियातों की बारिश है
दूर से ही मिलना है
ये चिलमनों की साज़िश है
कर ली दोस्ती उन पर्दों से
उन पर्दों पे तेरा चेहरा जो था