ज़िन्दगी आईने में दिखती फरक है
हर मंज़िल की थोड़ी मंदी सी चमक है
टेढ़े मेढ़े रस्तों से जो गुज़रे हैं हम
जवानी में लगता था सीधी सड़क है
हर मोड़ पे कई चेहरे अनजान मिले
कुछ मेहरबान मिले, कुछ बेईमान मिले
जब हमसफ़र बने तो पता न चला
ये संगत का असर है बुरा या भला
तजुर्बों से सीखा नया एक सबक है
ज़िन्दगी आईने में दिखती फरक है
खूब रफ़्तार से मुहब्बत करके भी देखी
मस्त हवाओं में उड़ान भरके भी देखी
पथरीले वो मंज़र, हवाओं के झोंके
वो गिरना संभालना और नज़रों के धोखे
सख्त दिल ये ज़मीन और बेरहम फलक है
ज़िन्दगी आईने में दिखती फरक है
मुड़कर जो देखें तो बुरा हाल तो होगा
मौके जो चूके, उनपर मलाल तो होगा
वक़्त जाया कर जब भी सराहे नज़ारे
किसी हमसफ़र संग गिने थे सितारे
वही पल में हसीं यादों की झलक है
ज़िन्दगी आईने में दिखती फरक है
लम्हे थे जो जमकर जी लिए मैंने
अब परदे आईनों पे सी दिए मैंने
नज़र सामने है, और सीधी ही है सड़क
मोड़ आएं तो आएं, चलूँगा बेधड़क
वो जीना क्या जो हर कदम पे हिचक है
ज़िन्दगी आईने में दिखती फरक है
ज़िन्दगी आईने में दिखती फरक है
हर मंज़िल की थोड़ी मंदी सी चमक है
टेढ़े मेढ़े रस्तों से जो गुज़रे हैं हम
जवानी में लगता था सीधी सड़क है