Friday, February 24, 2023

फरक

 

हालातों पे

तवज्जु है

तेरी है बाएं 

मेरी है दाएं

तेरे सच और

मेरे सच में

मतभेदों 

के हैं साये 

जिरह कर ले

मेरे संग तू

ये साये तो

रहेंगे ही 

पर इनको दिल 

पे न लेना  

उजाले गुम 

न हो जाएं 


ये रिश्तों की 

नज़ाकत है 

चटक जाते 

हैं पल भर में 

चटक जाने

की नौबत हो

तो मुद्दों को

ही दफ़नायें 


ज़हरीले

ये मतभेदों

का बस एक तोड़ 

है यारों 

ठहाकों के

है मीठे जाम

इन्हें हम घोल 

पी जाएं