Sunday, March 1, 2020

कुछ नए मकाम



चलो जवानी से पीछा छूटा
अब काम के काम हो जाएं 
नोन तेल लकड़ी के आगे 
कुछ नए मकाम हो जाएं

फिकरों के हिसाब लगाकर
जोड़, घटा और भाग गुना कर 
वसीहतों पे नाम चढ़ाकर 
हम खुद अपने नाम हो जाएं 
अब काम के काम हो जाएं

जलवों के अरमानों से हटकर
हुस्न के रेशम जाल झटक कर
रिश्तों की गहराई समझकर
गहराई का अंजाम हो जाएं
अब काम के काम हो जाएं

दुनियादारी से न तोल कर
शौकों की गुल्लकें खोल कर
बस शौकीनों का ही मोल कर
उनमें ही नीलाम हो जाएं
अब काम के काम हो जाएं

एक और हकीकत है, जानकर
मायाजाल को हैरान कर
रूहानी सच्चाई  मानकर
उस सच में ही तमाम हो जाएं 
चलो जवानी से पीछा छूटाें
अब काम के काम हो जाएं 
नोन तेल लकड़ी के आगे 
कुछ नए मकाम हो जाएं