रातों में कुछ तूफ़ान सा है
अँधेरा भी अनजान सा है
उमंगें कुछ मजबूर भी हैं
तारों की लौ कुछ दूर ही है
अमावस का वास चमन में है
मेरा चाँद कोप भवन में है
दिल खाली आसमान सा है
एक सिरहाना सुनसान सा है
ये कैसा रेगिस्तान सा है
सुकून यहाँ मेहमान सा है
रेतों के सरकते पाओं के
बवंडर हैं शंकाओं के
प्यासों का कोई ख्वाब है ये
चश्मा है या सराब है ये?
वो है तो नख्लिस्तान सा है
एक सिरहाना सुनसान सा है
ये कमरा बेज़ुबान सा है
क़ैदख़ाना बेईमान सा है
यादों के कंकाल यहां
नींदों के हैं आकाल यहां
साँसों में टीस कहारों की
घुटन यहां दीवारों की
वो चेहरा रोशनदान सा है
एक सिरहाना सुनसान सा है
अँधेरा भी अनजान सा है
उमंगें कुछ मजबूर भी हैं
तारों की लौ कुछ दूर ही है
अमावस का वास चमन में है
मेरा चाँद कोप भवन में है
दिल खाली आसमान सा है
एक सिरहाना सुनसान सा है
ये कैसा रेगिस्तान सा है
सुकून यहाँ मेहमान सा है
रेतों के सरकते पाओं के
बवंडर हैं शंकाओं के
प्यासों का कोई ख्वाब है ये
चश्मा है या सराब है ये?
वो है तो नख्लिस्तान सा है
एक सिरहाना सुनसान सा है
ये कमरा बेज़ुबान सा है
क़ैदख़ाना बेईमान सा है
यादों के कंकाल यहां
नींदों के हैं आकाल यहां
साँसों में टीस कहारों की
घुटन यहां दीवारों की
वो चेहरा रोशनदान सा है
एक सिरहाना सुनसान सा है