हालातों पे
तवज्जु है
तेरी है बाएं
मेरी है दाएं
तेरे सच और
मेरे सच में
मतभेदों
के हैं साये
जिरह कर ले
मेरे संग तू
ये साये तो
रहेंगे ही
पर इनको दिल
पे न लेना
उजाले गुम
न हो जाएं
ये रिश्तों की
नज़ाकत है
चटक जाते
हैं पल भर में
चटक जाने
की नौबत हो
तो मुद्दों को
ही दफ़नायें
ज़हरीले
ये मतभेदों
का बस एक तोड़
है यारों
ठहाकों के
है मीठे जाम
इन्हें हम घोल
पी जाएं
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