Tuesday, April 6, 2021

चलो कल से

चलो कल से  तुम्हारे बिन गुज़ारा कर ही लेते हैं

वो रातों को जो अपनी थीं  पराया कर ही लेते हैं

वो गलियों में  न टहलेंगे जहाँ बदनाम  हम खुश थे

चलो कल से मोहल्ले से  किनारा कर ही लेते हैं


वफ़ा करनी थी तुमसे पर बे-वफा  जो तुम निकले

चलो कल से जफ़ाओं का नज़ारा कर ही लेते हैं


ये दिल तो सिर्फ  धड़कता है तुम्हारी ही अदाओं पर

चलो कल से ये दिल को हम  आवारा कर ही लेते हैं


वो तो शख्स  पराया था जिसे अपना लिया तुमने

चलो कल से उसे भी हम हमारा कर  ही लेते हैं


हमें तो उम्र भर तुम्ही  को चाहने की  तमन्ना थी

चलो कल से किसी से इश्क़ दोबारा कर ही लेते हैं


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