तुम्हारी पुस्तक का एक पन्ना
सजा दिया है ये शायरी से
हर सिफहा बाकी निसार तुमपे
नवाज़ो अपनी कारीगरी से
वो तनहा लम्हे जो तुम गुज़ारो
इस छोटे तोहफे के संग अपने
वो लम्हों संग मेरी चाहतों की
महक उठेगी इस डायरी से!
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