हमारी मुलाकातें होतीं हैं
शायद तुझे अहसास नहीं
ख़यालों में तुझे बुलाता हूँ
तेरी ज़ुल्फ़ों को सहलाता हूँ
दिन कैसे गुज़रा
ये बताता हूँ
रोज़मर्रा की बातें हैं
ऐसी तो कोई ख़ास नहीं
हमारी मुलाकातें होतीं हैं
शायद तुझे अहसास नहीं
तेरे सपनों को सुनता हूँ
अपने भी थोड़े बुनता हूँ
यादों में जो चमक रहे
मैं उन लम्हों को चुनता हूँ
दूर से उनको देख के खुश हूँ
क्यूंकि अब वो मेरे पास नहीं
हमारी मुलाकातें होती हैं
शायद तुम्हें एहसास नहीं
कुछ खालीपन तो लगता है
एक मीठा दर्द सुलगता है
आशिकानापन
तनहा शामों का ठगता है
कहने को तो सब ठीक है
कोई गम नहीं, मैं उदास नहीं
हमारी मुलाकातें होती है
शायद तुझे अहसास नहीं
शायद तुझे अहसास नहीं
ख़यालों में तुझे बुलाता हूँ
तेरी ज़ुल्फ़ों को सहलाता हूँ
दिन कैसे गुज़रा
ये बताता हूँ
रोज़मर्रा की बातें हैं
ऐसी तो कोई ख़ास नहीं
हमारी मुलाकातें होतीं हैं
शायद तुझे अहसास नहीं
तेरे सपनों को सुनता हूँ
अपने भी थोड़े बुनता हूँ
यादों में जो चमक रहे
मैं उन लम्हों को चुनता हूँ
दूर से उनको देख के खुश हूँ
क्यूंकि अब वो मेरे पास नहीं
हमारी मुलाकातें होती हैं
शायद तुम्हें एहसास नहीं
कुछ खालीपन तो लगता है
एक मीठा दर्द सुलगता है
आशिकानापन
तनहा शामों का ठगता है
कहने को तो सब ठीक है
कोई गम नहीं, मैं उदास नहीं
हमारी मुलाकातें होती है
शायद तुझे अहसास नहीं
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