इबादत की इजाज़त तू मुझे दे दे
तेरे जलवों की हसरत तू मुझे दे दे
फिरता हूँ बेमकसद गलियों में तेरी
आशिक़ाना ये मकसद तू मुझे दे दे
तू नज़दीक है, इस बात का मैं खैर करूँ
और आशिक़ भी हैं, उन सब से मैं बैर करूँ
लम्हा ही सही, दूर से कर लूँगा दीदार
लम्हे में भरी मुद्दत तू मुझे दे दे
पिरोए हैं ज़ुल्फ़ों में तेरे ख्वाब कई
डुबो दिए तेरे नूर में आफताब कई
वफ़ाएं और भी हैं निभाने के लिए
बेवफाई की तोहमत तू मुझे दे दे
कहे तू के मैं खुद की हदों में रहूँ
बेसुद्ध या बेहाल मयकदों में रहूँ
हो नशा तेरा, किसी शराब का न हो
इसी सुरूर की ग़फ़लत तू मुझे दे दे
यूँ तो चाहत की कीमत बहुत सस्ती है
तेरी आँखों की चमक ही में ये बस्ती है
तू इधर देख, चकाचौंध नज़ारा होगा
उस नज़र से मुहब्बत तू मुझे दे दे
इबादत की इजाज़त तू मुझे दे दे
तेरे जलवों की हसरत तू मुझे दे दे
फिरता हूँ बेमकसद गलियों में तेरी
आशिक़ाना ये मकसद तू मुझे दे दे
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